जीवन एक कसौटी(कहानी) — श्यामल बिहारी महतो
बाज़ार में खरीदारी कर, रोड किनारे हाथ में हेलमेट पकड़े बाइक के सामने अभी खड़ा ही हुआ…
बाज़ार में खरीदारी कर, रोड किनारे हाथ में हेलमेट पकड़े बाइक के सामने अभी खड़ा ही हुआ…
लगभग बीस फीट ज़मीन से ऊँचाई, बीस फीट खंभों की लंबाई, बीच में बंधी रस्सी, इतनी ही रस्…
हाय! मृत्यु का तांडव जारी। फटा ग्लेशियर वहाँ अचानक, फिर आया सैलाब भयानक। अफ़रातफ़री …
लरचें डारि-लता कतहूँ, अरु फल-कुँच कतौ, मोतियन-सन झलकें। छिछनाई गिरें कोइना कतहूँ, मह…
मेरे मन के मधुरिम प्रभात, जगते जीवन के मृदुल प्रात! जगमग नूतन प्रसार लेकर, आओ उद्यत …
आत्म-प्रदर्शन बहुत बढ़ गया, पग-पग आज दिखावा है। "जो दिखता है वो बिकता है",…
बहुत समय पहले की बात है। एक समृद्ध राज्य पर एक बूढ़ा और अत्यंत घमंडी राजा शासन करता …
आज कक्षा में सभी बच्चे बहुत खुश नज़र आ रहे थे। खुशी इस बात की थी कि अभी-अभी स्कूल मे…
"रश्मि, आज बहुत अच्छा मौका है। प्रगति मैदान में पुस्तक मेला लगा हुआ है। बहुत दि…
कविता दिल की चीख है, वियोग इसका आधार। यातना जब मिलती दिल को, फूटती इसकी धार। अपनों स…
चाँद मुंगेरी हिंदी में लगातार और पाबंदी से ग़ज़लें कह रहे हैं। 'तलाश सूरज की',…
सोने के कटोरे में लेकर दूध-भात, कभी आया नहीं वह चाँद... हमारे लोकगीतों में भी, हुआ ह…
नारी तू धरा का बोझ नहीं, धरती की सुषमा तुमसे है। तू जननी, तू भगिनी, तू— तू संगिन…
राखी के धागे में प्यार बसा है, प्यार बसा है, संसार बसा है।। रिश्ता यह भाई-बहन का पाव…
खुलता मधुर नेहागार। राखी अनुपम वो त्योहार।। झलके भाई का व्यवहार, अभिव्यक्त होते उद्ग…
कसक इस पार भी, उस पार भी, भीगे नैन इस पार भी, उस पार भी। मन न जाने क्यों सोचता है बा…
कलाई पर बँधा धागा सिर्फ़ धागा नहीं होता, बँधा होता है इसमें बचपन का स्नेह, आँगन की खि…
मेरी आस्था दीदी ने बचपन से ही मेरी बड़ी बहन होने के साथ-साथ एक माँ की तरह मेरा ख़याल र…
सावन आया, गगन में बादल छाया, चारों तरफ़ मेघ बरसाया। सुवास वर्षा के पवन में लाया, सबक…
राखी भाई-बहन के प्यार का अनूठा है बंधन, जो बड़ी धूमधाम से हर वर्ष मनाया जाता। बहुत दू…
एक बड़ी, दो छोटी बहना, एक खरी, दो खोटी बहना। सदा झगड़ती रहती मुझसे, जो है सबसे मोटी …
श्रावणी पूर्णिमा का विहान, है सजी मिठाई की दुकान। राखी में कितने रंग भरे, सबको आकर्ष…
सावन लेकर आ गया, राखी का त्योहार। भाई की कलाई सजे, बहना का उपहार।। झूले पड़ते डाल पर…
दशकों पहले बहन, भाई की कलाई पर राखी बाँधा करती थी, वह धागा केवल शोभा नहीं होता था। उ…
रेशम के धागे में बँधा है भाई बहन का प्यार ये है राखी का त्योहार सूनी रहे ना कोई कल…
सावन का यह मस्त महीना, खुशियाँ लाया अपार। अमर प्रेम का बंधन राखी, भाई-बहन का प्यार। …
अबकी राखी पर आने में, है थोड़ी कठिनाई। सरहद पर डटकर खड़ा है, बहन तुम्हारा भाई! देश स…
अलबत्ता जितने करीब हम आते हैं, कुदरती उतने ही दूर हो जाते हैं। कारण समझाता हूँ, मन क…