नन्हा राजा (बाल कविता) - रमेश श्रीवास्तव
पापा जब भी डाँट लगाते, दादा जी झट गले लगाते। 'छोटा है यह' कहकर हँसते, अपने प…
पापा जब भी डाँट लगाते, दादा जी झट गले लगाते। 'छोटा है यह' कहकर हँसते, अपने प…
गाँव चलो जी गाँव चलो, वट-पीपल की छाँव चलो। गाँव में है ताल-तलैया, कौआ-कोयल और गौरैया…