आजु सुनीं हमरा से रउवा,
कइसन बाटे बिहार।
माटी गमके जइसे चंदन,
मेहनत जेकर सार।
गौतम जी के बुद्ध बनवलस,
दिहलस ज्ञान अपार।
गारी सुनस जगत के पालक,
राम के बा ससुरार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
उगते डूबते सुरूज पूजे,
मिलके सब परिवार।
छठि मईया के किरपा भारी,
देवेली सुख सार।
सुपवा दउरा में साजेला,
छठि माई के ई प्यार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
जतरा पर जाए जब बेटा,
निमकी ठेकुआ पकावेली।
खाजा, अनरसा, तिलकुट, चूड़ा,
मोटरी में भी बांधेली।
कोल्ड ड्रिंक, माज़ा सब छोड़ऽ,
सतुआ पियऽ आहार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
कविता के दिनकर जी दिहले,
नागार्जुन भी देले बाड़े।
राजनीति के जेपी दिहले,
देस-रतन भी देले बाड़े।
मैथिल कोकिल के घर रहके,
शिव कइलन उद्धार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
महावीर के जनमभूमि बा,
सिक्खन के गुरुद्वार।
पहिला बेरा लोकतंत्र के,
एजे मिलल अधिकार।
हरिहर के गुन गावल जाला,
जोगीरा में हर बार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
सब जग जाने नालंदा में,
ज्ञान के गंगा बहत रहे।
पूरा जग में सबसे आगे,
मगध के महिमा बढ़त रहे।
चाणक्य के अर्थसास्त्र से,
बहल ज्ञान के धार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
इहे बिहार के धरती दिहलस,
जग के शून्य के ज्ञान।
रेखागणित के स्थापित कइलन,
बोधायन जी महान।
ज्ञान के दियरी लउकत बाटे,
कन-कन बा उजियार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
सोहर, कजरी, फगुआ, चैता,
गारी के धुन गूंजेला।
दुर्गा पूजा में झिझिया के,
गितिया पे सब झूमेला।
अमर धरोहर बाटे भइया,
जट-जटिन के प्यार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
मधुबनी, मंजूषा, टिकुली,
सिक्की कला धरोहर बा।
कला ज्ञान के संगम एइजा,
सबसे बढ़के मनोहर बा।
जहां के माटी में बाटे,
समरिद्धि के भरमार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
जहां मांझी के हिम्मत देखल,
परबत भी न टिक पइलन।
अस्सी बरस के कुंवर सिंह जी,
अंग्रेजन के खदड़इलन।
जहां अमर बा सदा रही,
सभ्यता आउर संस्कार।
आजु सुनीं हमरा से रउवा,
अइसन बाटे बिहार।
- शालिनी सिंह
पटना , बिहार
शालिनी सिंह का प्रत्येक रचना उनके उच्छृंखल मन को दर्शाता है क्योंकि कोई बिना इस भाव के पद्य रचना कर ही नहीं सकता। उनका दिन प्रतिदिन काव्य के प्रति सजगता ही नई पद्य रचना की मार्ग को प्रशस्त करते हुए उन्हें भविष्य में एक बहुआयामी कवयित्री का दर्जा दिलाएगी यह मेरा विश्वास है। आप इस मार्ग पर हमेशा आगे बढ़ते रहें।
जवाब देंहटाएंआपके इन प्रोत्साहन भरे शब्दों से मुझे सदैव नित्य नव सृजन की प्रेरणा मिलती है। आपका हृदय की अतल गहराइयों से धन्यवाद 🙏
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