लीला लीलापुरुषोत्तम के (भोजपुरी कविता) - भगवती प्रसाद द्विवेदी
लीला लीलापुरुषोत्तम के, नटवर किसुनमुरारी के, करीं आरती निरमल मन से, गोबर्धन गिरधारी …
लीला लीलापुरुषोत्तम के, नटवर किसुनमुरारी के, करीं आरती निरमल मन से, गोबर्धन गिरधारी …
छोटकी जब-जब पूछे— "बाबूजी!" हृदय रोवे, करेजा फाटे, का बताईं, कैसे समझाईं आ…