भाई-बहन का प्यार (बाल गीत) - डॉ. सतीश चन्द्र भगत

सावन का यह मस्त महीना,
खुशियाँ लाया अपार।
अमर प्रेम का बंधन राखी,
भाई-बहन का प्यार।

रोली, चंदन, दीप, मिठाई,
राखी करे इंतज़ार।
'मेरे भैया कब आओगे?'
बहन खड़ी है द्वार।

आए भैया, खुश है रेखा,
चंदन-रोली लगाई।
बाँधी राखी जब भैया को,
मुँह में डाली मिठाई।

अब घर के लोग सभी हैं खुश,
खाकर खूब मिठाई।
खेलें-कूदें खुशी-खुशी सब,
जब राखी है आई!


- डॉ. सतीश चन्द्र भगत
बनौली, दरभंगा (बिहार)-847428

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