रेशम के धागे में बँधा है भाई बहन का प्यार
ये है राखी का त्योहार
सूनी रहे ना कोई कलाई
दूर रहे चाहे बहन का भाई
प्रेम का धागा भेज रही है
बहना सरहद पार
ये है राखी का त्योहार
थाल सजाकर लाये बहना
माथे तिलक लगाये बहना
भैया की लेती है बलैया
चूम के सौ सौ बार
ये है राखी का त्योहार
रिमझिम रिमझिम सावन बरसे
बहन कोई परदेस में तरसे
राखी बँधवाने आ जाये
वीर कहीं इस बार
ये है राखी का त्योहार
जिस घर मे बहनों का मान है
हर बहना अपनी समान है
उस घर खुशहाली आती है
लक्ष्मी रहती द्वार
ये है राखी का त्योहार
भाई सदा ये नेह निभाना
राखी की तुम लाज बचाना
धागों के बदले में देना
यही मेरा उपहार
ये है राखी का त्योहार
- सरस्वती सिंह
बनारस उत्तर प्रदेश