जवानों ज़िंदाबाद! (कविता) - किशोर छिपेश्वर 'सागर'


वर्दी का करते सम्मान,

भारत माँ के वीर सुजान!

जिन पर हमको है अभिमान,

आओ करें उनका गुणगान!

​जवानों ज़िंदाबाद!

जवानों ज़िंदाबाद!


​सीमा पर सीना ताने,

वतन पे मर-मिटना जाने!

हमें बचाते देकर जान,

देशभक्ति जिनकी पहचान!

जवानों ज़िंदाबाद!

जवानों ज़िंदाबाद!


​हर संकट में ढाल बने,

और दुश्मन का काल बने!

करते वो जो लेते ठान,

उन्हें समर्पित है यह गान!

जवानों ज़िंदाबाद!

जवानों ज़िंदाबाद!



​— किशोर छिपेश्वर 'सागर'

(बालाघाट, मध्य प्रदेश)



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