मानवता का पाठ पढ़ाया गाँधी ने,
समता का भी पाठ पढ़ाया गाँधी ने।
जीवन देखा हमने उनका सादा था,
ममता का भी पाठ पढ़ाया गाँधी ने।
बरछी, तीर, कटार न तो लाठी से,
क्षमता का भी पाठ पढ़ाया गाँधी ने।
कोमल मन हमने देखा है, सादापन,
उदारता का पाठ पढ़ाया गाँधी ने।
पशु-प्रेम भी करते हमने जाना है,
कोमलता का पाठ पढ़ाया गाँधी ने।
— किशोर छिपेश्वर "सागर"
बालाघाट