नियति (छंदमुक्त) - अशोक दर्द

कृषक के खेत से
करके शस्य-हरण,
कर लिया मूषक ने
धनिक-वेश धारण।
फिर एक कृष्ण-विषधर
झपटा उस पर,
डाल लिया मुँह में
धनिक-मूषक लपककर।
विषधर चला कुछ क़दम
इतराता-इठलाता हुआ,
मूषक को मुँह में शनैः-शनैः
चबाता हुआ।
फिर एक गिद्ध ने
देखा विषधर,
ले उड़ा उसे ऊपर
काल बनकर।
तभी व्याध के धनुष से
सरसराता बाण चला,
गिद्ध गिर पड़ा नीचे
छटपटाकर निर्बला।
कृषक ने देखा यह दृश्य
मन भरकर,
काल-ग्रस्त कर रहा सबको
इस तरह नियति बनकर!

- अशोक दर्द 
गांव- घाट डाकघर 
शेरपुर तहसील
डलहौजी  जिला चंबा 
हिमाचल प्रदेश176306


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