अँधेरे की दुकान (छंदमुक्त) - अश्विनी अम्बुज

शहर के चौराहे पर
खुल गई
अँधेरे की दुकान
बेचा जा रहा है
खुलेआम
तोल तोल कर
और
खड़ा है ग्राहक
खुद सूरज
सवाल में है
क्या करोगे
इतना खरीदकर
जवाब ये हैं
होते रहते हैं
ऐसे सौदे
आजकल
नहीं समझोगे
तुम पुराने
आदमी जो हो


- अश्विनी अम्बुज 
  मध्यप्रदेश 



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