गौरइआ के जोड़ी
हमरा बगान में -
कोरोटन के डार पर
तिनका - तिनका जोड़ के
बनएलक एगो घोंसला
ऊप्पर से चिक्कन - चाकन
सुघड़ -घर जइसन
भीतर से ओतने नरम
आ गुलगुल ......
बचपन के नादानी में
रही हम ,देखले .....
अरे,,, ए में त ऽ
रुइओ पड़ल हए,,,,
हम बतइली अपना माई के
माई , गेलिन खिसिआई
न झाँकल जालई
*कोनों के घर में*
ई ओक्कर घर हई,,,,,,
*हँ,,,,, ईओक्कर घर हई*
- डॉ.पुष्पा गुप्ता
लीचीपुरम, मुजफ्फरपुर
बिहार