कुछ कविताएँ
बड़ी ख़ूबसूरत होती हैं,
जिनमें दुनिया के तमाम प्रपंचों के लिए जगह नहीं होती,
वे जल्दी ही दिलों की गहराइयों में
उतर जाती हैं।
जैसे बच्चों की ख़ूबसूरत, मीठी, तोतली बातें,
जिनकी पहुँच में व्याकरण नहीं होता,
जिनकी भाषा में कोई छद्म नहीं होता,
अन्तस् की निर्मलता से परिपूर्ण।
एक अन्तस् से दूसरे अन्तस् तक की
यात्रा में
कोई अवरोध नहीं होता,
सचमुच अमूल्य होती हैं ऐसी कविताएँ।
निश्चय ही ये कविताएँ भी
ख़ूबसूरत बच्चों की तरह सहेजी
जानी चाहिए—
इस ख़ूबसूरत दुनिया की ख़ूबसूरती
बचाने के लिए...।।
- अशोक दर्द
गांव - घाट
डाकघर - शेरपुर तहसील, डलहौजी
जिला - चंबा
हिमाचल प्रदेश
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छंदमुक्त