तुम मिले हमसे जब मुहब्बत से (ग़ज़ल) - डॉ. आरती कुमारी


भर गया दिल सुकूनो-राहत से,

तुम मिले हमसे जब मुहब्बत से।


जैसे तितली छुए किसी गुल को,

हाय वह चूमना नज़ाक़त से!


भा गई आँखों को तेरी सूरत,

पा गया चैन दिल भी सीरत से।


आदतें एक सी हमारी हैं,

और दिल एक जैसे फ़ितरत से।


ज़िन्दगी से नहीं रहा शिकवा,

पा लिया आपको जो क़िस्मत से।


दिल उजालों से भर गया मेरा,

बाख़ुदा आपकी इनायत से।



- डॉ. आरती कुमारी

परिचय : 

शिक्षा /व्यवसाय- एम.ए(अंग्रेज़ी हिंदी), पीएचडी (अंग्रेज़ी, शिक्षाशास्त्र), एम.एड.,नेट (शिक्षाशास्त्र) 

सम्प्रति- सहायक प्राध्यापक, रामदयालु सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर

*प्रकाशन- 1.धड़कनों का संगीत ( काव्य- संग्रह)मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा विभाग) द्वारा पांडुलिपि स्वीकृत एवं अभिधा प्रकाशन से 2021 प्रकाशित, 

2.साथ रखना है (ग़ज़ल संग्रह ) अभिधा प्रकाशन, 2022

3.मुंतज़िर है दिल (उर्दू निदेशालय से ग़ज़ल संग्रह की पांडुलिपि स्वीकृत एवं एरम पब्लिकेशन से उर्दू में 2023 में प्रकाशित)


*संपादन- 1.ये नए मिज़ाज का शहर है , ग़ज़ल संग्रह (लोकोदय प्रकाशन), 2021

2.बिहार की महिला ग़ज़लकार , ग़ज़ल संग्रह (लोकोदय प्रकाशन)2021

3. एक और दधीचि - कमलनयन श्रीवास्तव , अभिधा प्रकाशन , 2024


*पंजाबी , नेपाली एवं गुजराती में रचनाएँ अनुदित

*आकशवाणी, दूरदर्शन से कविताओं और ग़ज़लों का प्रसारण विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों में प्रमुख हिस्सेदारी

कविताकोश, रेख़्ता एवं समकालीन हिंदुस्तानी ग़ज़ल एप में ग़ज़लें संकलित, अंग्रेज़ी में कविताओं का प्रकाशन- the melodies of immortality , Cosmic poetry, Vol 2 में अंग्रेज़ी कविताएँ संकलित, 


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