आम खतइ हम्मर बउआ (बज्जिका गीत) - प्रोफ़ेसर (डॉ.)ब्रह्मदेव प्रसाद कार्यी' *बज्जिकानन्दन*'

रसगर आम टभकउआ
ई खतइ हम्मर बउआ

बाबा भोरे -भोर चुनइछथ 
दुल्हिन के हुुन कह सुनबइछथ 
बउआ के चिउरा में गाड़ द
कटोरा के न रखि ह उघार क
कत्ते धपायल कउआ
की खतइ हम्मर बउआ
        रसगर.......
        ई खतइ......


किसिम किसिम के आमक गछिया 
बाबा अगोरथ उ दिन -रतिया  
सिपिया सुन्नर मालदह लाल
कार्यी जी के गाछी कमाल 
निम्मन आम गमकउआ
राही खाय रे बउआ
         रसगर......
        ई खतइ.....

पुरना कटल त नया लगयलन
पुत्र से बढ़ल पेड़ बतयलन 
अमर हतन सच मुखिया बाबा 
माय -बाप काशी आ काबा 
धन अशरफी के बउआ
मगन लुक्खी आ कउआ
           रसगर......
           ई खतइ.....

- प्रोफ़ेसर (डॉ.)ब्रह्मदेव प्रसाद कार्यी' *बज्जिकानन्दन*'

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
बोधायन पत्रिका
बोधायन पत्रिका