हमारे प्यार की बातें हैं और हम-तुम हैं,
बहुत हसीन फ़िज़ाएँ हैं और हम-तुम हैं।
वफ़ा के फूल खिले हैं हमारे जीवन में,
मुहब्बतों की हवाएँ हैं और हम-तुम हैं।
कहीं छुपा के रखेंगे हम एक-दूजे को,
सभी की हम पे निगाहें हैं और हम-तुम हैं।
पुराने गीत सुनाना वह रूठ जाने पर,
गुज़रते वक़्त की यादें हैं और हम-तुम हैं।
ज़मीं मैं आपकी हूँ आसमां आप मेरे हैं"
यही हमारी पनाहें हैं और हम-तुम हैं।
-डॉ आरती कुमारी
सहायक प्राध्यापक, रामदयालु सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर
वर्तमान/स्थायी पता- शशि भवन
आज़ाद कॉलोनी, रोड 3
माड़ीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर बिहार- 842001
*प्रकाशन- 1.धड़कनों का संगीत ( काव्य- संग्रह)मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा विभाग) द्वारा पांडुलिपि स्वीकृत एवं अभिधा प्रकाशन से 2021 प्रकाशित,
2.साथ रखना है (ग़ज़ल संग्रह ) अभिधा प्रकाशन, 2022
संपादन- 1.ये नए मिज़ाज का शहर है , ग़ज़ल संग्रह (लोकोदय प्रकाशन), 2021
2.बिहार की महिला ग़ज़लकार , ग़ज़ल संग्रह (लोकोदय प्रकाशन)2021
3. एक और दधीचि - कमलनयन श्रीवास्तव , अभिधा प्रकाशन , 2024