मुझको ऐसी मिली है सज़ा प्यार में
हो गई क़ैद से ज्यूँ रिहा प्यार में।
एक दिन वो फ़साना ही बन जायेगा
कुछ जो करते रहेंगे नया प्यार में।
थी वफ़ाई की उम्मीद उस यार से
उम्र भर जो रहा बेवफ़ा प्यार में।
फिर पराए भी अपने से लगने लगें
काश! ऐसी चले अब हवा प्यार में।
प्यार से प्यार का प्यार तक हो चलन
साथ मिलकर करें ये दुआ प्यार में।
- हेमा सिंह
शिक्षिका
मुजफ्फरपुर, बिहार