फूल के डलिआ लेले दुअरे पर ठाढ़ हे कामाख्या माई (बज्जिका गीत) - डॉ. विद्या चौधरी

फूल के डलिआ लेले दुअरे पर ठाढ़ हे कामाख्या माई
फूल के डलिआ लेले दुअरे पर ठाढ़ हे कामाख्या माई।

हमरो पर होऊ न सहाए हे कामाख्या माई।
राउरे जे दरसन लागी कामरूप अइली हे कामाख्या माई।

हमरो पर होऊ न देआल हे कामाख्या माई।
देरी से बंद हए राउर केमरिआ हे कामाख्या माई।

खोलू न बजरी केमार हे कामाख्या माई।
खोलू न सोबर्न केमार हे कामाख्या माई।

बिनती करइते करइते सुखी गेल ओठबा हे कामाख्या माई।
दिअऊ न दरसन अपार हे कामाख्या माई।

बिनती करइते माइ के खुली गेल केमरिआ हे कामाख्या माई।
दरसन दे के कइली नेहाल हे कामाख्या माई।  

फूलबा चढ़इली माइ के चुनरी पेन्हइली हे कामाख्या माई।
पूजा कइली मन चित लगाए हे कामाख्या माई।  

हँसइते खेलइते घरबा जाएब हे कामाख्या माई।
राउर महिमा अपरम्पार हे कामाख्या माई।

- डॉ. विद्या चौधरी 
     पटना, बिहार 

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